संगठित समाज ही राष्ट्र रक्षा कर सकता है : प्रा. श्री राकेश मणि त्रिपाठी जी

संगठित समाज ही राष्ट्र रक्षा कर सकता है : प्रा. श्री राकेश मणि त्रिपाठी जी
सिद्धार्थनगर। जब-जब इस धरा पर अधर्म की वृद्धि व धर्म का क्षरण होता है, तब-तब किसी न किसी श्रेष्ठ पुरुष का अवतरण अवश्य होता है, जिसके द्वारा समाज व राष्ट्र का कल्याण होता है, ऐसे ही कालखंड में परम पूज्य श्री गुरु जी का जन्म हुआ था। उक्त बातें रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज तेतरी बाजार  में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सर संघचालक माधव राव सदाशिव राव गोलवलकर (परम पूज्य श्री गुरु जी) की जयंती के अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राकेश मणि त्रिपाठी ने  कही।

आगे श्री त्रिपाठी ने कहा कि श्री गुरु जी का संपूर्ण जीवन ही अपने आप में एक दर्शन है, जो भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व को मानवता का संदेश देने वाला है। उनका विचार था कि संपूर्ण हिंदू समाज अपने अंदर के जाति-पात, ऊंच - नीच ,बड़े- छोटे का भेदभाव समाप्त कर समानता व एक-दूसरे के प्रति सहज भाईचारे के भाव से संपूर्ण हिंदू समाज संगठित हो, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र रक्षा कर सकता है। विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्री दिलीप श्रीवास्तव ने भी गुरु जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला।

उक्त अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य व हिंदी के प्रवक्ता श्री गोविंद सिंह, श्री निमिष शुक्ल, राजेश कुमार सिंह , प्रेम नारायण त्रिपाठी, दिनेश गुप्ता, कोमल यादव, जगदीश यादव, राजकुमार वर्मा, गिरीश मौर्या, रामजतन जी ,प्रवीण जी, सुनील जी, तथा अनीश पाठक समेत समस्त आचार्य बंधुओं व भैया बहनों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।