लखनऊ : स. बा. वि. मं. जानकीपुरम सेक्टर आई में मनाई गई श्री राणा प्रताप सिंह जी की जयंती

लखनऊ : स. बा. वि. मं. जानकीपुरम सेक्टर आई में मनाई गई श्री राणा प्रताप सिंह जी की जयंती
लखनऊ। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर जानकीपुरम सेक्टर आई में श्री राणा प्रताप सिंह जी की जयंती मनाई गई । सरस्वती शिशु मंदिर योजना का जैसा विस्तार आज देश भर में हुआ है, उसके पीछे जिन महानुभावों की तपस्या छिपी है। उनमें से ही एक थे दो जुलाई, 1929 को मैनपुरी (उ.प्र.) के जागीर गांव में जन्मे श्री राणा प्रताप सिंह। उनके पिता श्री रामगुलाम सक्सेना मैनपुरी जिला न्यायालय में प्रतिष्ठित वकील थे। राणा प्रताप जी प्रचारक जीवन में उत्तर प्रदेश के इटावा, औरैया, फिरोजाबाद आदि में रहे। इसके बाद गृहस्थ जीवन अपनाकर वे औरैया के इंटर कालिज में पढ़ाने लगे। 1952 में उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर सरस्वती शिशु मंदिर प्रारम्भ हुए। तत्कालीन प्रांत प्रचारक मा. भाऊराव देशमुख तथा नानाजी देशमुख इस योजना के सूत्रधार थे। 1958 में इन विद्यालयों के व्यवस्थित संचालन के लिए ‘शिशु शिक्षा प्रबंध समिति, उ.प्र.’ का गठन कर राणा जी को उसका मंत्री बनाया गया। अब तो वे तन-मन से शिुश मंदिर योजना से एकरूप हो गये। विद्या भारती के विद्यालयों मेें 20 मई को सत्रावसान होता है। सादा जीवन और उच्च विचार के धनी राणा जी के जीवन का 2008 ई0 में इसी दिन सदा के लिए सत्रावसान हो गया।