लखीमपुर: सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर मिश्राना में मनाई गई जुगल किशोर की पुण्यतिथि

लखीमपुर: सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर मिश्राना में मनाई गई जुगल किशोर की पुण्यतिथि
लखीमपुर। सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर मिश्राना में संघव्रती जुगल किशोर परमार की पुण्यतिथि मनाई गई। भाई-बहिनों में सबसे बड़े होने के कारण घर वालों को उनसे कुछ अधिक ही अपेक्षाएं थीं; पर उन्होंने संघव्रत अपनाकर आजीवन उसका पालन किया। जुगल जी किशोरावस्था में संघ के सम्पर्क में आकर शाखा जाने लगे। उन्होंने इंदौर के होल्कर महाविद्यालय से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे ट्यूशन करते हुए अपनी पढ़ाई करते थे। संघ कार्य की लगन के कारण 1940 में वे पढ़ाई अधूरी छोड़कर प्रचारक बन गये। सर्वप्रथम उन्हें मंदसौर भेजा गया। उन दिनों संघ के पास पैसे का अभाव रहता था। अतः वे ट्यूशन करते हुए संघ कार्य करते रहे। ऐसे कर्मठ कार्यकर्ता का देहांत भी संघ कार्य करते हुए ही हुआ। 12 जुलाई, 1979 को वे भोपाल में प्रातःकालीन चौक शाखा में जाने के लिए निकर पहन कर निकले। मार्ग में आजाद बाजार के पास सड़क पर उन्हें भीषण हृदयाघात हुआ और तत्काल ही उनका प्राणांत हो गया।