बलिया : स्वामी शिवानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर अर्पित की गयी श्रद्धांजलि

बलिया : स्वामी शिवानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर अर्पित की गयी श्रद्धांजलि
बलिया : स्वामी शिवानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर अर्पित की गयी श्रद्धांजलि
बलिया : स्वामी शिवानंद सरस्वती की पुण्यतिथि पर अर्पित की गयी श्रद्धांजलि
बलिया। नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर अखनपुर रसड़ा के वंदना सभा में आज होने वाले कार्यक्रमों की कड़ी में स्वामी शिवानंद सरस्वती के पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनको याद करते हुए विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य डॉ. सुशील सिंह ने कहा कि स्वामी कृष्णानन्द एवं स्वामी शिवानन्द स्वामी शिवानन्द सरस्वती वेदान्त के महान आचार्य और सनातन धर्म के विख्यात नेता थे। उनका जन्म तमिलनाडु में हुआ पर संन्यास के पश्चात उन्होंने जीवन ऋषिकेश में व्यतीत किया। स्वामी शिवानन्द का जन्म अप्यायार दीक्षित वंश में 8 सितम्वर 1887 को हुआ था। उन्होने बचपन में ही वेदान्त की अध्ययन और अभ्यास किया। इसके वाद उन्होने चिकित्साविज्ञान का अध्ययन किया। तत्पश्चात उन्होने मलाया में डाक्टर के रूप में लोगों की सेवा की। सन् 1924 में चिकित्सा सेवा का त्याग करने के पश्चात ऋषिकेष में बस गये और कठिन आध्यात्मिक साधना की। सन् 1932 में उन्होने शिवानन्दाश्रम और 1936 में दिव्य जीवन संघ की स्थापना की। अध्यात्म, दर्शन और योग पर उन्होने लगभग 300 पुस्तकों की रचना की। 14 जुलाई 1963 को वे महासमाधि लाभ किये। .