​सुलतानपुर: शहीद मंगल पांडे जी की जयंती पर विद्यालय परिवार ने किया नमन

​सुलतानपुर: शहीद मंगल पांडे जी की जयंती पर विद्यालय परिवार ने किया नमन
सुलतानपुर। वृंदावन बरनवाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर विवेक नगर सुलतानपुर का विद्यालय परिवार शहीद मंगल पांडे जी की जयंती पर उनको शत-शत नमन करता है। प्रधानाचार्य जी ने मंगल पाण्डेय का जन्म भारत में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा नामक गांव में १९ जुलाई १८२७ को एक "ब्राह्मण" परिवार में हुआ था।

हांलाकि कुछ इतिहासकार इनका जन्म-स्थान फैज़ाबाद के गांव सुरहुरपुर को मानते हैं।[2]इनके पिता का नाम दिवाकर पांडे था। "ब्राह्मण" होने के बाद भी मंगल पाण्डेय सन् 1849 में 22 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में शामिल हो गए।मंगल पाण्डेय एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेन्ट्री के सिपाही थे। 

तत्कालीन अंग्रेजी शासन ने उन्हें बागी करार दिया जबकि आम हिंदुस्तानी उन्हें आजादी की लड़ाई के नायक के रूप में सम्मान देता है। भारत के स्वाधीनता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर भारत सरकार द्वारा उनके सम्मान में सन् 1984 में एक डाक टिकट जारी किया गया। तथा मंगल पांडे द्वारा गाय की चर्बी मिले कारतूस को मुँह से काटने से मना कर दिया था,फलस्वरूप उन्हे गिरफ्तार कर 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई|