जालौन : स.शि.मं.कोटरा में मनाई गयी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पाण्डेय जी की जयन्ती

जालौन : स.शि.मं.कोटरा में मनाई गयी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पाण्डेय जी की जयन्ती
जालौन। सरस्वती शिशु मंदिर, कोटरा में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पाण्डेय जी की जयन्ती मनाई गयी। इस मौके पर प्रधानाचार्य जी उनके बारे में संक्षिप्त में बताते हुए कहा कि उनका जन्म 19 जुलाई, 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ। इनके पिता का नाम दिवाकर पांडे तथा माता का नाम श्रीमती अभय रानी था। मंगल पांडे की प्रारम्भिक शिक्षा उनके गांव की पाठशाला में हुई। बाल्यावस्था में मंगल पाण्डे की रुचि शिक्षा की अपेक्षा खेलकूद व वीरता वाले कार्यो में ही थी। उनमें व्यावहारिक बुद्धि ज्यादा थी। उनके अंदर साहस और वीरता की प्रतिभा कूट-कूट कर भरी थी। मंगल पांडे 18 साल की उम्र में 1849 को ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना से जुड़े । मंगल कोलकाता के पास बैरकपुर की सैनिक छावनी में 34वीं बंगाल नैटिव इन्फैंट्री की पैदल सेना के 1446 नंबर के सिपाही थे। 

मंगल पांडे की फांसी के साथ पूरे देश में आंदोलन छिड़ गया। जगह-जगह अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी। उस समय पहली बार लोगों को लगा कि वे गुलामी का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। मंगल पांडे के प्रयास का नतीजा था, 1857 में भड़की क्रांति जो 90 वर्षों के बाद 1947 में भारत की पूर्ण-स्वतंत्रता का सबब बनी।