कन्नौज : स.वि.म.इ.कॉ.तिर्वा में मनायीं गयी क्रांति के अग्रदूत मंगल पाण्डेय की जयंती

कन्नौज : स.वि.म.इ.कॉ.तिर्वा में मनायीं गयी क्रांति के अग्रदूत मंगल पाण्डेय की जयंती
कन्नौज। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, तिर्वा में19 जुलाई को भारतीय स्वाधीनता की क्रांति के अग्रदूत मंगल पाण्डेय जी की जयंती मनायीं गयी। वंदना सत्र के पश्चात् विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार मिश्रा जी ने शहीद मंगल पाण्डेय के चित्र पर पुष्पार्चन किया। इसके पश्चात् विद्यालय के सभी आचार्यो ने चित्र पर पुष्पार्चन किया तथा ऑनलाइन जुड़े सभी कक्षा के छात्रों ने चित्र के सम्मुख हाथ जोड़कर मंगल पाण्डेय को नमन किया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य उपेंद्र कुमार जी ने कहा मंगल पाण्डेय का जीवन हम सब के लिये बहुत अनुकरणीय है। आचार्य जी ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंगल पाण्डेय का जन्म भारत में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा नामक गांव में 19 जुलाई 1827 को एक "ब्राह्मण" परिवार में हुआ था। हांलाकि कुछ इतिहासकार इनका जन्म-स्थान फैज़ाबाद के गांव सुरहुरपुर को मानते हैं। इनके पिता का नाम दिवाकर पांडे था। "ब्राह्मण" होने के बाद भी मंगल पाण्डेय सन् 1849 में 22 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में शामिल हो गए।
इसके पश्चात प्रधानाचार्य श्री अनिल कुमार मिश्रा जी ने कहा कि मंगल पाण्डेय एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेन्ट्री के सिपाही थे। तत्कालीन अंग्रेजी शासन ने उन्हें बागी करार दिया जबकि आम हिंदुस्तानी उन्हें आजादी की लड़ाई के नायक के रूप में सम्मान देता है। भारत के स्वाधीनता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर भारत सरकार द्वारा उनके सम्मान में सन् 1984 में एक डाक टिकट जारी किया था । कार्यक्रम में ऑनलइन सहभागिता कर रहे सभी भैया /बहिन सहित विद्यालय के सभी आचार्य बंधु एवं आचार्या भगिनी उपस्थित रहीं ।