गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी

गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी
गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी
गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी
गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी
गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी
गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी
गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी
गुरु शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है : प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी

सुल्तानपुर। नेताजी सुभाष सरस्वती शिशु विद्या मंदिर प्रतापपुर कमाइचा सुल्तानपुर में 24 जुलाई, शनिवार गुरु पूर्णिमा का पर्व बहुत ही हर्षोल्लास एवं सादगी के साथ मनाया गया। इस अवसर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह जी ने कहा कि एक गुरु ही है जो अपने शिष्य को गलत मार्ग से हटाकर सही रास्ते पर लाता है।

उन्होंने कहा गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा, गुरु साक्षात् परब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवे नमः। इस श्लोक का अर्थ है कि गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं और गुरु ही भगवान शिव शंभू हैं। गुरु ही साक्षात् परमब्रह्म हैं। ऐसे गुरु को मैं प्रणाम करता हूं। भारत में गुरु को आदिकाल से ही ईश्वर का दर्जा प्राप्त है। वे हमें ज्ञान रूपी प्रकाश से आलोकित करते हैं, हमारे अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं। अच्छे और बुरे में फर्क करना बताने हैं, जीवन के मूलभूत सिद्धातों से परिचित कराते हैं।

गुरु के महत्ता को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा को वेद व्यास जी का जन्म हुआ था। उन्होंने वेदों का ज्ञान दिया और पुराणों की रचना की। उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन गुरुजनों की पूजा करने की परंपरा है। इस अवसर पर प्रबन्धक समिति के सदस्य सहित अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।