भारतीय नवजागरण के अग्रदूत एवं हिंदी साहित्य के पितामह थे भारतेंदु हरिश्चंद्र जी : बांके बिहारी पांडे

भारतीय नवजागरण के अग्रदूत एवं हिंदी साहित्य के पितामह थे भारतेंदु हरिश्चंद्र जी : बांके बिहारी पांडे
प्रयागराज l रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर, प्रयागराज के संगीताचार्य एवं मीडिया प्रभारी मनोज गुप्ता की सूचनानुसार विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बांके बिहारी पांडे जी ने अपनी लेखनी से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आम जनमानस में चेतना का संचार करने वाले भारतीय नवजागरण के अग्रदूत एवं हिंदी साहित्य के पितामह भारतेंदु हरिश्चंद्र जी की जयंती पर विद्यालय परिवार सहित शत-शत नमन किया l

उन्होंने बताया कि भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जन्म ९ सितम्बर, १८५० को काशी के एक प्रतिष्ठित वैश्य परिवार में हुआ। उनके पिता गोपालचंद्र एक अच्छे कवि थे और 'गिरधरदास'उपनाम से कविता लिखा करते थे। १८५७ में प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समय उनकी आयु ७ वर्ष की होगी। ये दिन उनकी आँख खुलने के थे। भारतेन्दु का कृतित्व साक्ष्य है कि उनकी आँखें एक बार खुलीं तो बन्द नहीं हुईं। उनके पूर्वज अंग्रेज-भक्त थे, उनकी ही कृपा से धनवान हुये थे।

हरिश्चंद्र पाँच वर्ष के थे तो माता की मृत्यु और दस वर्ष के थे तो पिता की मृत्यु हो गयी। इस प्रकार बचपन में ही माता-पिता के सुख से वंचित हो गये। विमाता ने खूब सताया। बचपन का सुख नहीं मिला। शिक्षा की व्यवस्था प्रथापालन के लिए होती रही। संवेदनशील व्यक्ति के नाते उनमें स्वतन्त्र रूप से देखने-सोचने-समझने की आदत का विकास होने लगा। पढ़ाई की विषय-वस्तु और पद्धति से उनका मन उखड़ता रहा। क्वींस कॉलेज, बनारस में प्रवेश लिया, तीन-चार वर्षों तक कॉलेज आते-जाते रहे पर यहाँ से मन बार-बार भागता रहा।

स्मरण शक्ति तीव्र थी, ग्रहण क्षमता अद्भुत। इसलिए परीक्षाओं में उत्तीर्ण होते रहे। बनारस में उन दिनों अंग्रेजी पढ़े-लिखे और प्रसिद्ध लेखक - राजा शिवप्रसाद 'सितारेहिन्द' थे, भारतेन्दु शिष्य भाव से उनके यहाँ जाते। उन्हीं से अंग्रेजी सीखी। भारतेन्दु ने स्वाध्याय से संस्कृत, मराठी, बंगला, गुजराती, पंजाबी, उर्दू भाषाएँ सीख लीं। शत शत नमन करने वालों में अनूप कुमार ,सचिन सिंह परिहार ,चंद्रशेखर सिंह, शैलेश सिंह यादव ,अभिषेक शर्मा ,पायल जायसवाल , ओंकार पांडे, संतोष कुमार तिवारी प्रथम, शैलेंद्र कुमार यादव, विद्यासागर गुप्ता, विनोद कुमार, प्रवीण कुमार तिवारी, कुंदन कुमार ,रामचंद्र मौर्य, अभिषेक कुमार शुक्ला ,नागेंद्र कुमार शुक्ला, अजीत प्रताप सिंह, शंकरलाल पटेल, ऋचा गोस्वामी, दीक्षा पांडे ,अर्चना राय, किरन सिंह, जितेंद्र कुमार तिवारी, शिवजी राय ,अनिल उपाध्याय, संतोष कुमार तिवारी द्वितीय, रविंद्र कुमार द्विवेदी ,श्रवण कुमार तिवारी एवं अनुराग कुशवाहा प्रमुख रहे l