तीसरी लहर को रोकने के लिए वैक्सीनेशन जरूरी : डॉ. वीरेंद्र आतम

तीसरी लहर को रोकने के लिए वैक्सीनेशन जरूरी : डॉ. वीरेंद्र आतम
लखनऊ। हमारे द्वारा लापरवाही कोरोना संक्रमण को दावत देगी और तीसरी लहर आना लगभग तय हो जाएगा। ऐसे में तीसरी लहर को रोकना के लिए हमें कोरोना संगत व्यवहार और सभी गाइडलाइंस का पालन करना पड़ेगा। साथ ही लोगों को वैक्सीनेशन जरुर करना चाहिए। सोशल डिस्टेन्सिंग रखने, हमेशा मास्क पहने रखने और हाथों को अच्छे से धोते रहें और बच्चों को कोरोना से बचाव के तरीके बताएं। उक्त बातें केजीएमयू के चिकित्सक चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र आतम जी ने 16 सितंबर 2021 गुरुवार को सरस्वती कुंज निरालानगर स्थित प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भैया डिजिटल सूचना संवाद केंद्र में आयोजित ‘बच्चे हैं अनमोल’ कार्यक्रम के 28वें अंक में कहीं। इस कार्यक्रम में विद्या भारती के शिक्षक, बच्चे और उनके अभिभावक सहित लाखों लोग आनलाइन जुड़े थे, जिनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।  

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. वीरेंद्र आतम जी ने कहा कि कोरोना की पहली सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोग संक्रमित हुए वहीं दूसरी लहर में युवाओं पर इसका प्रकोप देखने को मिला। जिसके बाद अब तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने की आशंका जतायी जा रही है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर कब आएगी और कितनी भीषण होगी यह बता पाना बेहद मुश्किल है। इसको लेकर शोध किए जा रहे हैं। दूसरे देशों में चौथी लहर भी आ चुकी है और यदि हम अपनी व्यवहार को नहीं बदलते हैं तो तीसरी लहर का आना तय है। लेकिन तीसरी लहर आती है तब भी हमें घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि तीसरी लहर कितनी घातक होगी इसको लेकर अभी कोई अनुमान नहीं है। उन्होंने कहा कि इम्यूनिटी को लेकर आ रहे कई सर्वे को लेकर उन्होंने कहा कि हमें अपनी इम्यूनिटी को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है यदि हम अच्छा भोजन और व्यायाम रोजाना कर रहे हैं, और वैक्सीन लगवा रखी है तो हमारे शरीर की इम्यूनिटी अपने आप बनी रहती है। उन्होंने कहा कि भय हमारे आत्मविश्वास को कम करता है। ऐसे में सर्वे रिपोर्ट को लेकर घबराने और बेवजह किसी प्रकार की जांच करवाने की जरूरत नहीं है।

विशिष्ट वक्ता अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि समाज में सामूहिकता का अभाव हो गया है,लोग आत्म केन्द्रित हो गए हैं। कोरोना काल में दवाई की कालाबाजारी, नकली दवाओं के कारोबार पर रोक, नकली ब्लड के कारोबार रोकने  का कार्य एसटीएफ ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसी चीजो के बारे समाज के लोग अगर सूचित करते हैं तो उस पर ज़िम्मेदारी तरीके से कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से कहा कि ये मन से धारणा निकाल दें कि सूचना देने पर उनका नाम उजागर  हो जाएगा। ऐसा नहीं है, सूचना देने वाले का नाम और सूचना को गुप्त रखा जाता है।

कार्यक्रम अध्यक्ष श्री राजेंद्र बाबू जी प्रदेश निरीक्षक, अवध प्रान्त, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश ने कहा कि बच्चों को विद्यालय आने के लिए अभिभावक को प्रेरित करना चाहिए। अभिभावकों को भी यह समझना होगा कि कोरोना प्रोटोकाल के तहत 50 प्रतिशत संख्या के आधार पर विद्यालय दो शिफ्ट में खोले गए हैं। विद्यालय में इससे बचाव के लिए सभी प्रकार सुविधाएं उपलब्ध हैं, उसका पालन भी किया जा रहा है। इस लिए डरें नहीं और बच्चों को अधिक से अधि​क विद्यालय भेजें। उन्होंने अभिभावकों को सला​ह दी कि वे लगातार शिक्षकों के सम्पर्क में रहें। शिक्षकों को भी सम्पर्क के माध्यम से अभिभावकों को समझाने का कार्य करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को पुराने परिवेश में लाने के लिए थोड़ा समय लगेगा इसलिए चिंतित होने कि कोई जरूरत नहीं है।   अभिभावक अगर वैक्सीन नही लगवाएं है तो जरूर लगवा लें क्योंकि वह बच्चों को तभी सुरक्षित रख पाएंगे जब स्वयं सुरक्षित होंगे। जितना अधिक हो सके बच्चों को खुले वातावरण में रखें उन्हें खेलने का अवसर दें।

कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख श्री सौरभ मिश्रा जी ने किया। इस कार्यक्रम में बालिका शिक्षा प्रमुख श्री उमाशंकर जी, सह प्रचार प्रमुख श्री भास्कर दूबे, सुश्री शुभम सिंह, श्री अतहर रजा, श्री अभिषेक जी सहित डिजिटल टीम के कर्मचारी मौजूद रहे।