हिंदी के सेवक थे विद्याधर गुरुजी : बांके बिहारी पांडे

हिंदी के सेवक थे विद्याधर गुरुजी : बांके बिहारी पांडे
प्रयागराज l रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर, प्रयागराज के संगीताचार्य एवं मीडिया प्रभारी मनोज गुप्ता की सूचनानुसार विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बांके बिहारी पांडे जी ने हिंदी के सेवक विद्याधर गुरुजी के जन्मदिवस पर विद्यालय परिवार सहित शत-शत नमन किया l

उन्होंने बताया कि श्री विद्याधर गुरुजी। उनका जन्म ग्राम गुरमिठकल (गुलबर्गा, कर्नाटक) में 30 सितम्बर, 1914 को एक मडिवाल (धोबी) परिवार में हुआ था। यद्यपि आर्थिक स्थिति सुधरने से इनके पिता एवं चाचा अनाज का व्यापार करने लगे थे; पर परिवार की महिलाएँ दूसरों के कपड़े ही धोती थीं। ऐसे अशिक्षित, लेकिन संस्कारवान परिवार में विद्याधर का बचपन बीता। 1931 में जब भगतसिंह को फाँसी हुई, तो विद्याधर कक्षा सात में पढ़ते थे। उन्होंने अपने साथियों के साथ गाँव में जुलूस निकाला। इस पर उन्हें पाठशाला से निकाल दिया गया।

1938 में जब आर्य समाज ने निजामशाही के विरुद्ध आन्दोलन किया, तो इन्होंने उसमें बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इससे निजाम शासन ने इनके विरुद्ध वारण्ट जारी कर दिया। आर्य नेता श्री बंसीलाल ने इन्हें लाहौर जाकर पढ़ने को कहा। वहाँ दयानन्द उपदेशक महाविद्यालय, अनारकली से इन्होंने ‘सिद्धान्त शास्त्री’ की उपाधि प्राप्त की।

शत शत नमन करने वालों में रमेश चंद्र मिश्रा ,जटाशंकर तिवारी, शिव नारायण सिंह, कामाख्या प्रसाद दुबे ,आनंद कुमार, अशोक कुमार मौर्य, दिनेश कुमार शुक्ला, सत्य प्रकाश पांडे प्रथम ,अवधेश कुमार, वकील प्रसाद, वाचस्पति चौबे ,सुनील कुमार ,शशी कपूर गुप्ता ,प्रेम सागर मिश्रा ,प्रभात कुमार शर्मा ,मनोज कुमार गुप्ता ,दीपक दयाल ,रमेश चंद्र अग्रहरि, मान सिंह यादव ,सत्य प्रकाश पांडे द्वितीय,अनूप सिंह विनय कुमार यादव ,वंशराज यादव ,विमल चंद दुबे एवं विभु श्रीवास्तव सहित पूरा विद्यालय परिवार शामिल रहा l