​उप्र के हर गांव में भारत माता का पूजन करेगा संघ, निकलेगी तिरंगा यात्रा

​उप्र के हर गांव में भारत माता का पूजन करेगा संघ, निकलेगी तिरंगा यात्रा
  • सभी प्रांतों में निकाली जाएंगी रथ यात्राएं, हर प्रांत का होगा अपना अलग 'रथ'
  • सभी गांव तक जाएगी रथ यात्रा, प्रत्येक परिवार की होगी सहभागिता
  • महानगरों में एक लाख से अधिक संख्या का होगा सामूहिक वन्देमातरम् कार्यक्रम
  • रानी लक्ष्मीबाई की जयंती 19 नवंबर से होगा कार्यक्रम का शुभारंभ

लखनऊ। आजादी के अमृत महोत्सव पर उत्तर प्रदेश के प्रत्येक गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भारत माता पूजन का कार्यक्रम करेगा और तिरंगा यात्रा निकालेगा। इतना ही नहीं, सभी की सहभागिता हो, इसके लिए बड़े महानगरों में 'सामूहिक बन्देमातरम्' का आयोजन भी किया जायेगा।

इसके लिए प्रत्येक प्रांत का अपना अलग 'रथ' होगा। इस रथ पर 'भारत माता' की भव्य प्रतिमा विराजमान होंगी। इस पर उस प्रांत से संबंधित क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की झांकी भी होगी। यह रथ यात्रा सभी गांवों तक जाएंगी, जहां पर गांववासी भारत माता का पूजन करेंगे। हमें आजादी कैसे मिली, इसकी याद में गांव-गांव सभाएं भी होंगी।

इतना ही नहीं, अमृत महोत्सव के बैनर तले प्रत्येक परिवार की सहभागिता हो, इसके लिए वार्ड और बस्ती स्तर पर छोटे-छोटे कार्यक्रम भी होंगे। वहीं सभी बड़े महानगरों में एक लाख से अधिक संख्या का 'सामूहिक वन्देमातरम्' गायन का रिकार्ड बनेगा। रथयात्रा का शुभारंभ 19 नवंबर को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिन से होगा। इस दिन झांसी की संपूर्ण पहाड़ियों को दीप मालाओं से सजाया जाएगा। वैसे तो अमृत महोत्सव के कार्यक्रम वर्ष भर होंगे, लेकिन 19 नवंबर से 16 दिसंबर, 2021 के बीच विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

संघ सूत्रों ने बताया कि इस एक महीने के बीच जहां महानगरों में एक लाख से अधिक संख्या का कार्यक्रम होगा, वहीं जिला केंद्र, खंड केन्द्र और कस्बों में 'तिरंगा यात्रा' निकाली जाएगी। इसके अलावा गांव-गांव में 'भारत माता पूजन' का आयोजन किया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, काशी, गोरखपुर, कानपुर, झांसी, बरेली, आगरा, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद तथा नोएडा में बड़े कार्यक्रम होंगे। लखनऊ में एक लाख संख्या का 'सामूहिक वंदे मातरम गायन' होगा। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में पांच से लेकर छह सौ जनसभाएं होंगी, जिनमें 10 हजार से लेकर 50 हजार तक लोगों की संख्या होगी।

इन कार्यक्रमों को गति देने के लिए महानगर, जिला, ब्लॉक, तहसील तथा गांव स्तर तक अमृत महोत्सव समिति का गठन किया जा रहा है। इतना ही नहीं सभी जिलों में 'अमृत महोत्सव टोली' का गठन हो भी गया है और सभी जिलों में बैठक का सिलसिला शुरू हो चुका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचार प्रमुख नरेन्द्र सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के इस अवसर पर जिन लोगों ने स्वतंत्रा आंदोलन में हिस्सा लिया और जिनके त्याग व बलिदान के कारण हमें स्वतंत्रा मिली, उन बलिदानी क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों का पुण्य स्मरण करते हुए युवा पीढ़ी को आजादी के आन्दोलन से अवगत कराया जाएगा।

बताया कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर समाज की सहभागिता से अमृत महोत्सव के बनैर तले सारे कार्यक्रम होंगे। उत्तर प्रदेश के प्रत्येक गांव में 'भारत माता पूजन' का कार्यक्रम होगा। ब्लॉक स्तर पर भारत माता पूजा के लिए 'रथ' निकाली जायेगी। क्रान्तिकारियों की जन्मभूमि तथा ऐतिहासिक स्थलों पर 'आज के शाम शहीदों के नाम' जैसे बड़े कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जायेगा।