​स्वतंत्रता के अज्ञात सेनानियों का जीवन समाज के समक्ष लाने का होगा प्रयासः होसबाले

​स्वतंत्रता के अज्ञात सेनानियों का जीवन समाज के समक्ष लाने का होगा प्रयासः होसबाले
धारवाड। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव वर्ष में स्वतंत्रता संग्राम के अज्ञात सेनानियों का जीवन समाज के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। तामिलनाडु के वेलु नाचियार, कर्नाटक के अबक्का, रानी गाईदिन्ल्यू के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। वहीं अंडमान की सेल्युलर जेल में कालापानी की सजा काटने वालों के बारे में भी लोग कम ही जानते हैं। होसबाले ने बताया कि संघ इन सभी सेनानियों का जीवन समाज के सामने रखने का काम करेगा।

कर्नाटक के धारवाड़ में चल रही संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक का शनिवार को समापन हो गया। इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार्यवाह होसबाले ने कहा कि भारत का स्वाधीनता आंदोलन पूरे विश्व में सबसे अनूठा रहा है। सबसे लंबे समय तक चले इस आंदोलन में केवल अंग्रेजी सत्ता का विरोध नहीं था, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति एवं भाषा के जागरण का कार्य इस आंदोलन ने किया। इस अवसर पर होसबाले ने स्वामी विवेकानंद और अन्य महापुरुषों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। होसबाले ने आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प करना चाहिए।

सरकार्यवाह होसबाले ने कहा कि सिख पंथ के नवम गुरु तेगबहादुर जी के 400वें प्रकाश वर्ष पर संस्थाओं के साथ मिलकर कार्यक्रमों के आयोजन का निर्णय लिया गया है। गुरु तेगबहादुर ने धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए बलिदान दिया। उनका जीवन प्रेरणादायक है।

निरंतर जारी है संघकार्य

सरकार्यवाह ने बताया कि देश के 34 हजार स्थानों पर दैनिक शाखा, 12,780 स्थानों पर साप्ताहिक मिलन, 7900 स्थानों पर मासिक मंडली यानी कुल 55 हजार स्थानों पर संघ का प्रत्यक्ष कार्य है। देशभर में अभी 54,382 दैनिक शाखाएं लग रही हैं। संघ की स्थापना को 2025 में 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। नतीजतन संघ कार्य के विस्तार योजना को बैठक में अमली जामा पहनाया गया। होसबाले ने बताया कि अगले तीन वर्षों में संघ अपना कार्य मंडल स्तर तक ले जाना चाहता है। होसबाले ने कहा कि संघ ने पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को लेकर भी योजना बनाई है। संघ प्रयास करेगा कि 2022 से 2025 तक कम से कम दो साल का समय देने वाले कार्यकर्ता तैयार हों।

इस अवसर पर होसबाले ने एंटी कनवर्जन बिल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एंटी कनवर्जन बिल का विरोध नहीं होना चाहिए। अरुणाचलप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने अनुभव के आधार पर कानून पारित किया है। उन्होंने कहा कि यदि मतांतरण रोकने के लिए कानून बना तो संघ उसका स्वागत करेगा।