कन्नौज : स.वि.मं.इ.कॉ.तिर्वा में मनायी गयी क्रांतिकारी भगवानदास माहौर की पुण्यतिथि

कन्नौज : स.वि.मं.इ.कॉ.तिर्वा में मनायी गयी क्रांतिकारी भगवानदास माहौर की पुण्यतिथि
कन्नौज : सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज,तिर्वा में 12 मार्च ,शुक्रवार को वंदना सत्र के बाद क्रांतिकारी भगवानदास माहौर की पुण्यतिथि मनायी गयी। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार मिश्रा जी उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उनके जीवन के विषय में बताते हुए कहा कि उनका जन्म दतिया जिले के गांव छोटी बड़ौनी में भगवानदास का जन्म 27 फरवरी,1909 को हुआ था। भगवानदास को पढ़ने के लिए मामा कवींद्र नाथूराम माहौर के यहां झांसी भेजा गया। यहां वे मास्टर रुद्रनारायण के संपर्क में आये।सन 1924 में मात्र 15 साल की उम्र में भगवानदास यहीं पर आज़ाद से मिले और आज़ादी की लड़ाई में कूद गए। झांसी में बने क्रांतिकारी दल में माहौर के अलावा विश्वनाथ वैशम्पायन और सदाशिव मलकापुरकर भी थे। बाद में भगवानदास ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज में पढ़ने आये और यहां नाका चंद्रवदनी पर किराये पर कमरा लेकर रहने लगे। बाद में चंद्रशेखर आज़ाद ,भगत सिंह, राजगुरु आदि ने तमाम क्रांतिकारी गतिविधियां यहीं से संचालित कीं।आज़ादी के इस महान सेनानी के मन में अपने कंमाडर चंद्रशेखर आज़ाद के प्रति अप्रतिम श्रद्धा थी। 12 मार्च सन 1979 में वे लखनऊ के एक समारोह में आज़ाद की प्रतिमा अनावरण समारोह में अतिथि थे। समारोह में जैसे ही आज़ाद का प्रिय क्रान्ति गीत बजना शुरू हुआ । भगवानदास बेहद भावुक हो गए। उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे अपने कमांडर की प्रतिमा के सामने ही इस देह को छोड़ उनसे मिलने परलोक चले गए। इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य बंधु एवं आचार्या बहनें उपस्थित रहीं।