हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत

हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत
हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत
हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत
हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत
हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत
हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत
हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत
हिन्दू बहनों की अस्मिता की रक्षा के लिए सर्वस्व करुंगा अर्पण: डॉ. मोहन भागवत
चित्रकूट। धर्मनगरी में हिन्दू महाकुम्भ के महा आयोजन का शुभारम्भ आरएसएस के सर संघ चालक मोहन भागवत व जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने दीप जलाकर किया। राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम की धुन के साथ कार्यक्रम शुरु हुआ। इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने धर्म रक्षा, लव जेहाद से लड़ने की लोगों को शपथ दिलाई।

बुधवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शुभारम्भ कर कहा कि चाहे पंथ अनेक हों, हम सब हिन्दू एक हों। कार्यक्रम में मौजूद रामभद्राचार्य, देश के प्रमुख पीठों के पीठाधीश्वर ने भी महाकुम्भ में विचार रखे। हिन्दू धर्म की अखंडता के साथ, लव जिहाद, हिन्दुओं में विघटन, समान नागरिक संहिता, गौहत्या, नशा मुक्ति, धर्म परिवर्तन, नदियों के संरक्षण एवं सनातन धर्म की रक्षा पर चर्चा हुई।

तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य की अध्यक्षता में महाकुम्भ का आयोजन हो रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य हिन्दू एकता पर चिंतन करना बताया गया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने धर्म रक्षा, लव जेहाद से लड़ने की लोगों को शपथ दिलाई। हिन्दू धर्म छोड़ने वालों को वापस हिन्दू धर्म में लाने को कहा। भय ज्यादा दिनों तक बांध नहीं सकता। अहंकार से एकता टूटती है। हम लोगों को जोड़ने के लिए काम करेंगे। हिन्दू संस्कृति के धर्मयोद्धा मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की संकल्प स्थली पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर को साक्षी मानकर संकल्प लेता हूं कि मै अपने पवित्र हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति और हिन्दू समाज के संरक्षण, संवर्द्धन और सुरक्षा के लिए आजीवन कार्य करुंगा।

उन्होंने कहा कि प्रतिज्ञा करता हूं कि किसी भी हिन्दू भाई को हिन्दू धर्म से विमुख नहीं होने दूंगा। जो भाई धर्म छोड़कर चले गये हैं उनकी भी घर वापसी के लिए कार्य करुंगा। हिन्दू बहनों की अस्मिता, सम्मान व शील की रक्षा के लिए सर्वस्व अपर्ण करुंगा। उन्हें 75 किलो की माला पहनाकर भद्राचार्य ने स्वागत किया। इस मौके पर श्री श्री रविशंकर समेत तमाम लोग मौजूद रहे।