राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण होना चाहिए : मा. शिवकुमार जी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण होना चाहिए : मा. शिवकुमार जी

गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग में मंगलवार (17 मई 2022) को नव चयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के तीसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय शिवकुमार जी (राष्ट्रीय मंत्री विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान) उपस्थित रहें। इस अवसर पर आदर्श शिक्षक की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए आदरणीय शिवकुमार जी ने कहा कि जब हम समाज में साक्षरता की बात करते हैं तो आजादी के समय भारत की साक्षरता दर बहुत कम थी। और वहीं पर हम अतीत में जाते हैं तो अंग्रेजों के आने से पहले भारत की साक्षरता दर काफी अच्छी थी। भारत में गांव गांव में पाठशालाए थी,समान व्यक्ति भी पढ़ता था गुरुकुल के समय लगभग 100% साक्षरता थी। आधुनिक शिक्षा अंग्रेजों के हाथ में चली गई, जो उन्होंने किया या कहा उस मापदंड के अनुसार अपनी शिक्षा प्रणाली रही।

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण होना चाहिए। क्या हम 21वी सदी के लिए शिक्षक बनने के लिए तैयार हैं तो इसके लिए सीखना, सीखे हुए समय के साथ अनुपयोगी विषयवस्तु को भूलना और पुनः नवीन कौशलों को सीखना। और इस विषय को हमें बार-बार अपडेट करते रहना होगा। कौशल अधिगम, कौशल साक्षरता, जीवन शैली पर उन्होंने प्रकाश डालते हुए कहा कि अधिगम कौशल आधुनिक कार्य वातावरण में अनुकूल और सुधार के लिए आवश्यक मानसिक प्रक्रियाओं के बारे में छात्रों को सिखाएं। जिस प्रकार भगवान की भक्ति करने वाला भगवान के भक्ति में लीन होता है। उसी प्रकार शिक्षक को शिक्षा में लीन होना चाहिए। सहयोग की भावना, बात करने की कला होनी चाहिए ,साक्षरता कौशल, सूचना संचार प्रौद्योगिकी साक्षरता को बढ़ावा देती है। 

जीवन कौशल, लचीलापन ,नेतृत्व पहल उत्पादकता, समसामयिक कौशल आदि विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी के दैनिक जीवन के अमूर्त तत्वों पर एक नजर डालें तो यह मूल तत्व व्यक्तिगत और व्यवहारिक दोनों गुणों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। सीखना आगे पढ़ना, सिखाना आगे बढ़ाना। विद्यालय के पास में कौशल विकास का वातावरण होना चाहिए। बहुत ही विस्तृत ढंग से उन्होंने कौशल और भारतीय चिंतन पर अपने विचार रखें इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक कमलेश कुमार सिंह, प्रधानाचार्य डॉ राजेश सिंह ,प्रेमशरण मिश्रा, विद्या भारती मंत्री डॉक्टर रामनाथ गुप्ता ,संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे सहित नव चयनित आचार्य /आचार्य इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।