श्रीगुरुजी के विचार आज भी मार्गदर्शकः भय्याजी जोशी

श्रीगुरुजी के विचार आज भी मार्गदर्शकः भय्याजी जोशी
  • आरएसएस जनकल्याण समिति का 'प.पू. श्री गुरुजी पुरस्कार' वितरण समारोह

मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक प.पू. गोळवलकर गुरुजी ने राष्ट्रीय एकात्मता को बाधा पहुंचाने वाली चीजों से समझौता नहीं किया। भाषावार क्षेत्रीयकरण, गोवा मुक्ति, पंजाब के मुद्दे, चीन की समस्या जैसे विषयों पर उनके विचार आज भी मार्गदर्शक हैं। यह विचार रा.स्व. संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं वर्तमान कार्यकारिणी सदस्य भय्याजी जोशी ने व्यक्त किए। वे रायगड जिले के अलिबाग में जनकल्याण समिति की ओर से श्रीगुरुजी पुरस्कार वितरण के अवसर पर बोल रहे थे।

असम के ऑल बाथौ महासभा के गणेश दैमरी को धर्म और संस्कृति विभाग में और कर्णावती की इंदुमती काटदरे को अनुसंधान विभाग में श्रीगुरुजी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार में एक लाख रुपये, शॉल, नारियल, स्मृति चिन्ह और मानदेय शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रह्लाद वामनराव पै, जनकल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र सातालकर, स्वागत समिति अध्यक्ष रघुजी राजे आंग्रे, मंडल संघचालक यशवंत पाटिल आदि मंच पर मौजूद थे।

भय्याजी जोशी ने आगे कहा कि गुरुजी में श्रेष्ठ साधक, महान द्रष्टा, सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरक, मार्गदर्शक व्यक्तित्व, आदर्श व्यक्तित्व के सभी गुण थे। अगर हम गुरुजी जैसे महापुरुषों के गुणों को अपने जीवन में ला सकते हैं, जिनके जीवन में विनम्रता और शालीनता है, तो हम अपने आप को धन्य समझेंगे।