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प्रयागराज: माधव ज्ञान केन्द्र इण्टर कॉलेज खरकौनी नैनी में मनाया गया ओजोन दिवस

amit kumar nayak
Madhav gyan kendra inter college, Prayag
16/09/2020
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प्रयागराज: ओजोन दिवस के अवसर पर वन्दना सभा में विज्ञान के प्रवक्ता श्री संजय कुमार मिश्र ने ओजोन पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि ओजोन दिवस (World Ozone Day) हर साल पूरी दुनिया में 16 सितंबर को मनाया जाता है। इस साल यानी विश्व ओजोन दिवस 2019 की थीम (Ozone Day Theme) '32 years and Healing' है। ओजोन दिवस (Ozone Day) का उद्देश्य ओजोन परत के संरक्षण के लिए लोगों को जागरुक करना है। ओजोन परत (Ozone Layer) ओजोन अणुओं की एक परत है जो 20 से 40 किलोमीटर के बीच के वायुमंडल में पाई जाती है. ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक अल्ट्रा वाइलट किरणों से बचाने का काम करती है। ओजोन परत के बिना जीवन सकट में पड़ सकता है, क्योंकि अल्ट्रा वाइलट किरणें अगर सीधा धरती पर पहुंच जाए तो ये मनुष्य, पेड़-पौधों और जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकती है। ऐसे में ओजोन परत का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। ओजोन परत को इंसानों द्वारा बनाए गए कैमिकल्स से काफी नुकसान होता है। इन कैमिकल्स से ओजोन की परत कम पतली हो रही है। फैक्ट्री और अन्य उद्योग से निकलने वाले कैमिकल्स हवा में फैलकर प्रदूषण फैला रहे हैं। ओजोन परत के बिगड़ने से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में अब गंभीर संकट को देखते हुए दुनियाभर में इसके संरक्षण को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। साल 1985 में सबसे पहले ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिक के ऊपर ओजोन परत में एक बड़े छेद की खोज की थी। वैज्ञानिकों को पता चला कि इसकी जिम्मेदार वक्लोरोफ़्लोरोकार्बन (CFC) गैस है. जिसके बाद इस गैस के उपयोग को रोकने के लिए दुनियाभर के देशों में सहमति बनी और 16 सितंबर 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किया गया था। जिसके बाद से ओजोन परत के संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साल 1994 में 16 सितंबर की तारीख को 'अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस' मनाने का ऐलान किया। पहली बार विश्व ओजोन दिवस साल 1995 में मनाया गया था. जिसके बाद हर साल 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर सभी आचार्य बन्धु उपस्थित रहे।

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