सफलता के लिए क्षमताओं का विकास बेहद जरूरी : मा. हेमचन्द्र जी

सफलता के लिए क्षमताओं का विकास बेहद जरूरी : मा. हेमचन्द्र जी

बलिया। समग्र विकास का अर्थ अनिवार्य रूप से एक बच्चे में बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक क्षमताओं का विकास करना है ताकि वह रोजमर्रा की जिंदगी की मांगों और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो। कार्य के पेशेवर क्षेत्रों में सफलता के लिए ये क्षमताएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। उक्त उद्गार विद्या भारती पूर्व उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री माननीय हेमचंद्र जी ने शुक्रवार (24 जून 2022) को नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माल्देपुर में आयोजित शारीरिक आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन व्यक्त किए। 

इस अवसर पर माननीय हेमचंद्र जी ने बालक के सर्वांगिक विकास पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि हर बच्चा अनोखा होता है। उसके पास अद्वितीय व्यक्तित्व लक्षण, रुचियां, प्राथमिकताएं, मूल्य, दृष्टिकोण, ताकत और कमजोरियां हैं। शैक्षिक पाठ्यक्रम प्रत्येक बच्चे को उस विशिष्टता के साथ संरेखण में दुनिया में अपना विशिष्ट स्थान खोजने में मदद करने में सक्षम होना चाहिए जो उसके पास है। 

कार्यक्रम का सफल संचालन क्षेत्रीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख माननीय जगदीश जी ने किया। इस प्रशिक्षण वर्ग में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आचार्यों प्रतिभाग कर रहे। यह वर्ग 23 जून 2022 से 30 जून 2022 तक चलेगा।