​वन्य जीवन के प्रसिद्ध चित्रकार थे रामेश बेदी जी : बांके बिहारी पांडे

​वन्य जीवन के प्रसिद्ध चित्रकार थे रामेश बेदी जी : बांके बिहारी पांडे
प्रयागराज। रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर, प्रयागराज के संगीताचार्य एवं मीडिया प्रभारी मनोज गुप्ता की सूचनानुसार विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बांके बिहारी पांडे जी ने वन्य जीवन के चित्रकार रामेश बेदी जी के जन्मदिवस पर विद्यालय परिवार सहित शत-शत नमन किया l उन्होंने बताया कि बहुमुखी प्रतिभासम्पन्न लेखक और प्रकृति के कुशल फ़ोटोग्राफ़र रमेश बेदी का जन्म 20 जून,1915, कालाबाग़, उत्तर-पश्चिमी सीमा-प्रान्त (अब पाकिस्तान) में हुआ था। 

इनकी शिक्षा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार में अन्तेवासी के रूप में संपन्न हुई। जंगल के जीव-जन्तुओं का अध्ययन, उनकी फ़ोटोग्राफ़ी तथा फ़िल्मिंग के दौरान श्री रामेश बेदी ने महीनों नेशनल पार्कों और अभयवनों में गुज़ारे। निरन्तर सान्निध्य से वन्य जीवों के स्वभाव और उनकी संवेदनशील जीवन-शैली की बारीकियों को समझा फलस्वरूप, खूँखार समझे जानेवाले जानवरों और श्री बेदी के बीच की खाई कमोबेश पट गई थी। 

इनकी कृतियों में जीव-जन्तु विषयक : आदमख़ोरों के बीच, गेंडा, सिंह, सिंहों के जंगल में, तेंदुआ और चीता, कबूतर, गजराल, चरकसंहिता के जीव-जन्तु, जंगल की बातें आदि शामिल है। तथा वनस्पतियों सम्बन्धी : गुणकारी फल, मानव उपयोगी पेड़, जंगल की जड़ी-बूटियाँ, जंगल के उपयोगी वृक्ष आदि है। कुछ पुस्तकें रूसी, पंजाबी, कन्नड़, उड़िया, बंगालीगुजराती, मराठी में तथा अनेक लेख अंग्रेज़ी, रूसी, जर्मन, जापानी, इतालवी, नेपाली, मराठी, मलयालम आदि में अनूदित-प्रकाशित। तथा यात्राओं में अनुसन्धान कार्यों के सिलसिले में लन्दन, ब्राज़ील, कनाडा, भूटान और श्रीलंका की यात्रा शामिल है इन्हें अनेकों सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं l इनका निधन 9 अप्रैल को हुआ था l

शत शत नमन करने वालों में रमेश चंद्र मिश्रा ,जटाशंकर तिवारी, शिव नारायण सिंह, कामाख्या प्रसाद दुबे ,आनंद कुमार, अशोक कुमार मौर्य, दिनेश कुमार शुक्ला, सत्य प्रकाश पांडे प्रथम, अवधेश कुमार, वकील प्रसाद, वाचस्पति चौबे, सुनील कुमार, शशी कपूर गुप्ता, प्रेम सागर मिश्रा ,प्रभात कुमार शर्मा ,मनोज कुमार गुप्ता ,दीपक दयाल, रमेश चंद्र अग्रहरि, मान सिंह यादव ,सत्य प्रकाश पांडे द्वितीय, अनूप सिंह विनय कुमार यादव,वंशराज यादव, विमल चंद दुबे एवं विभु श्रीवास्तव सहित पूरा विद्यालय परिवार शामिल रहा।