लखनऊ: स. बा.वि. मं. सेक्टर आई में सेवा और समर्पण के पुंज श्री अवधबिहारी जी की मनाई गई जयंती

लखनऊ: स. बा.वि. मं. सेक्टर आई में सेवा और समर्पण के पुंज श्री अवधबिहारी जी की मनाई गई जयंती
लखनऊ। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर सेक्टर आई जानकीपुरम में सेवा और समर्पण के पुंज श्री अवधबिहारी जी की जयंती मनाई गई। संघ के जीवनव्रती प्रचारक श्री अवधबिहारी जी का जन्म पांच जुलाई, 1926 को उ.प्र. के आजमगढ़ जिले और लालगंज तहसील के ग्राम पारा में हुआ था। वे मुंशी लक्ष्मी सहाय और श्रीमती जानकीदेवी की चौथी संतान थे। संघ से उनका संपर्क 1942 में हुआ, जब वे 16 वर्ष के किशोर थे। इसके बाद संघ के प्रति उनका प्रेम व समर्पण बढ़ता गया। 1946 में पढ़ाई को उन्होंने विराम दे दिया और प्रचारक बन कर संघ कार्य के लिए समर्पित हो गये। अवध जी का जीवन बहुत सादगीपूर्ण था। धोती, कुर्ता, अंगोछा और एक झोले में जरूरी चीजें यही उनकी बाहरी पूंजी थी; पर अपने जीवन और व्यवहार से उन्होंने हजारों कार्यकर्ताओं को अनुप्राणित किया। उन्होंने सैकड़ों सेवा केन्द्र खोले, जिससे वनवासियों में धर्मान्तरण रुका और परावर्तन की प्रक्रिया शुरू हुई। ऐसे अधिकांश केन्द्र आज भी चल रहे हैं। 12 जुलाई, 2017 को सेवा और समर्पण के पुंज, श्री अवधबिहारी जी का निधन हुआ।