सोनभद्र: विद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की मनाई गई जयंती

सोनभद्र: विद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की मनाई गई जयंती

सोनभद्र। सरस्वती शिशु/ विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कालेज खड़िया योगीचौरा में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती मनाई गई। इस दौरान प्रधानाचार्य श्री राजीव जी ने उनके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संत रविदास के बारे में बताते हुए कहा कि लोगों का मानना था कि उन्हें भगवान ने पृथ्वी पर असली सामाजिक और धार्मिक कार्यों को पूरा करने के लिए भेजा था। उनका मानना था, आपस में सभी भेदभाव को दूर किया जा सकता है। कर्म के प्रति महान कार्यों के लिए गुरु रविदास जी को जाना जाता है।

  • संत रविदास जयंती इस साल 27 फरवरी 2021 यानी शनिवार को मनाई जा रही है।
  • हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन ही रविदास जयंती मनाई जाती है। 
  • प्रधानाचार्य जी ने कहा कि संत रविदास की गिनती महान संतों में होती है।
  • संत रविदास बहुत ही सरल हृदय के थे और दुनिया का आडंबर छोड़कर हृदय की पवित्रता पर बल देते थे।
  • इस बारे में उनकी एक कहावत - "जो मन चंगा तो कठौती में गंगा" काफी प्रचलित है।
  • इस कहावत को जोड़कर एक कथा भी है। कहते हैं कि एक बार एक महिला संत रविदास के पास से गुजर रही थी।
  • संत रविदास लोगों के जूते सिलते हुए भगवान का भजन करने में मस्त थे। तभी वह महिला उनके पास पहुंची और उन्हें गंगा नहाने की सलाह दी।
  • फिर क्या मस्तमौला संत रविदास ने कहा कि जो मन चंगा तो कठौती में गंगा। यानी यदि आपका मन पवित्र है तो यहीं गंगा है।
  • कहते हैं इस पर महिला ने संत से कहा कि आपकी कठौती में गंगा है तो मेरी झुलनी गंगा में गिर गई थी। ..तो आप मेरी झुलनी ढ़ूढ़ दीजिए।
  • इस पर संत रविदास ने अपनी चमड़ा भिगोने की कठौती में हाथ डाला और महिला की झुलनी निकालकर दे दी।
  • इस चमत्कार से महिला हैरान रह गई और उनके प्रसिद्धि के चर्चे दूर-दूर तक फैल गए।
  • इस कार्यक्रम में सभी आचार्य व भैया-बहिन उपस्थित रहें।