बलिया : नागाजी स. वि. मं. माल्देपुर में बौद्धधर्म के मुर्धन्य विद्वान श्री भदन्ते जी महाराज जी का हुआ आगमन

बलिया : नागाजी स. वि. मं. माल्देपुर में बौद्धधर्म के मुर्धन्य विद्वान श्री भदन्ते जी महाराज जी का हुआ आगमन
बलिया : नागाजी स. वि. मं. माल्देपुर में बौद्धधर्म के मुर्धन्य विद्वान श्री भदन्ते जी महाराज जी का हुआ आगमन
बलिया : नागाजी स. वि. मं. माल्देपुर में बौद्धधर्म के मुर्धन्य विद्वान श्री भदन्ते जी महाराज जी का हुआ आगमन
बलिया : नागाजी स. वि. मं. माल्देपुर में बौद्धधर्म के मुर्धन्य विद्वान श्री भदन्ते जी महाराज जी का हुआ आगमन
बलिया : नागाजी स. वि. मं. माल्देपुर में बौद्धधर्म के मुर्धन्य विद्वान श्री भदन्ते जी महाराज जी का हुआ आगमन
बलिया : नागाजी स. वि. मं. माल्देपुर में बौद्धधर्म के मुर्धन्य विद्वान श्री भदन्ते जी महाराज जी का हुआ आगमन

बलिया। नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माल्देपुर के परिसर में दिनांक 28 अगस्त 2021 को बौद्धधर्म के मुर्धन्य विद्वान व अन्तराष्ट्रीय अध्यक्ष और अनेक भाषाओं के जानकार श्री भदन्ते जी महाराज जी का आगमन हुआ। इस अवसर पर शिशु शिक्षा समिति के मंत्री श्रीमान अक्षय कुमार ठाकुर जी, विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक श्रीमान अनिल कुमार सिंह जी और विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद सिंह चौहान जी द्वारा महाराज जी को पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया।

इस अवसर पर महाराज जी ने विद्यालय परिवार के सभी आचार्य बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि  संसार में जीवन और मरण एक नियत प्रक्रिया है। जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित है। संसार के विभिन्न प्राणी इसी नियत प्रक्रिया के तहत बंधे हुए हैं। यहाँ पर प्रतिदिन करोड़ों मनुष्य जन्म लेते हैं और इसी प्रकार करोड़ों की संख्या में लोग मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। इनमें से कुछेक की चर्चा ही अखबारों या न्यूज चैनलों में होती है, बाकी लोगों का कोई जिक्र तक नहीं किया जाता। इन्हीं जन्म या मृत्यु को प्राप्त होने वालों में से कुछ की चर्चा महीनों या फिर कुछ सालों तक की जाती है। इन्हीं में कुछ विशेष मनुष्य होते हैं जिन्होंने अपने कर्मों से संसार में न केवल स्वयं के जन्म को धन्य किया बल्कि प्राणी जगत के लिए महान कार्य भी किये। उनका यह कार्य युगों-युगों तक लोगों के बीच में चर्चा का विषय रहता है। शिक्षा और शिक्षक समाज का विशेष अंग है आज समाज को शिक्षकों के द्वारा ही सुधार किया जा सकता है। 

उन्होंने संघ संस्थापक पूजनीय डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के बारे में कहा कि डॉक्टर साहब ने कहा था कि नींव पुरानी हो लेकिन निर्माण नया होनी चाहिए इसको भावार्थ में लेते हुए आज जो अपनी पुरानी संस्कृति है उस पर नए भारत का निर्माण करें। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान अरविंद सिंह चौहान जी द्वारा समस्त आचार्य परिवार की तरफ से महाराज जी का अभिवादन और अभिनंदन किया गया।