गोरखपुर : स. बा. वि. सूर्यकुण्ड में मनाया गया हिन्दी दिवस, सम्मानित की गईं मेधावी छात्रा बहनें

गोरखपुर : स. बा. वि. सूर्यकुण्ड में मनाया गया हिन्दी दिवस, सम्मानित की गईं मेधावी छात्रा बहनें
गोरखपुर : स. बा. वि. सूर्यकुण्ड में मनाया गया हिन्दी दिवस, सम्मानित की गईं मेधावी छात्रा बहनें
गोरखपुर : स. बा. वि. सूर्यकुण्ड में मनाया गया हिन्दी दिवस, सम्मानित की गईं मेधावी छात्रा बहनें
गोरखपुर : स. बा. वि. सूर्यकुण्ड में मनाया गया हिन्दी दिवस, सम्मानित की गईं मेधावी छात्रा बहनें
गोरखपुर : स. बा. वि. सूर्यकुण्ड में मनाया गया हिन्दी दिवस, सम्मानित की गईं मेधावी छात्रा बहनें
गोरखपुर : स. बा. वि. सूर्यकुण्ड में मनाया गया हिन्दी दिवस, सम्मानित की गईं मेधावी छात्रा बहनें
गोरखपुर : स. बा. वि. सूर्यकुण्ड में मनाया गया हिन्दी दिवस, सम्मानित की गईं मेधावी छात्रा बहनें

गोरखपुर। सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुण्ड में दिनांक 14.09.2021 को विद्यालय में  हिन्दी दिवस मनाया गया। साथ ही “नवनवोन्मेष भाग-3”नामक हस्तलिखित पत्रिका का विमोचन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दी.द.उ.गो.वि.वि.गो. के हिन्दी विभाग के भूतपूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रामदरश राय एवं विशिष्ट अतिथि दीनानाथ पाण्डेय राजकीय महिला महाविद्यालय देवरिया के समाजशास्त्र विभाग की अवकाश प्राप्त विभागाध्यक्ष डॉ. गीता पाण्डेय जी एवं विद्यालय प्रबवन्ध समिति की मंत्री,दी.द.उ.गो.वि.वि.गो. के समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पाण्डेय तथा विद्यालय के कोषाध्यक्ष एवं दी.द.उ.गो.वि.वि.गो.के अवकाश प्राप्त प्रशासनिक अधिकारी श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव जी उपस्थित रहें।

मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि छठी शताब्दी सातवी शताब्दी से चली आ रही हिन्दी भाषा को तमाम विरोधाभाष को झेलना पड़ा।किन्तु देश के अथक प्रयास  से आज यह राजभाषा है।जिसे राष्ट्रभाषा बनाने     के लिए प्रयासरत रहना होगा। साथ-ही विद्यालय की मंत्री जी  ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक एक दूसरे से जोड़ने का कार्य हिन्दी भाषा ही करती है।“ विद्यालय की प्रधानाचार्या ने छात्राओं को हिन्दी भाषा के महत्व से अवगत कराया एवं विद्यालय की वरिष्ठ आचार्या श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव  ने कहा कि “विश्व की दस सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाषा में भी हिन्दी का नाम है। इसी अवसर पर सत्र 2019-20 में दशम् एवं द्वादश की सर्वोच्च अंक प्राप्त बहनों को स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। जिसमें दशम् की छात्रा बहन तनु राव (98%), सृष्टि सिंह (95.2%), रुचि मिश्र (95%), द्वादश की छात्रा बहन याना तरफदार (96%), दिव्यांशी मिश्रा (95.8%), पलक जायसवाल 95.6% का नाम सम्मिलित है। 

 हिन्दी दिवस मनाने का उद्देश्य यह है कि 14 सितम्बर को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिन्दी भारत की राजभाषा होगी, इसी महत्वपूर्ण निर्णय को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को प्रसारित करने के लिए राजभाषा प्रचार समिति वर्धा के अनुरोध पर वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के रुप में मनाया जाता है। इसके विकास एवं राष्ट्र भाषा के रुप में स्थापित करने के लिए अनेक साहित्यकार राजेन्द्र सिंह ,काका कालेकर,मैथिलीशरण गुप्त, हजारी प्रसाद द्विवेदी,महादेवी वर्मा,सेठ गोविन्द दास आदि साहित्यकारों ने अथक प्रयास किया,किन्तु राष्ट्र भाषा हिन्दी घोषित न हो सका।हिन्दी भाषा का विकास समाज के थोड़े लोगों  के प्रयास से सम्भव नही है। इसके लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। इसी क्रम में विद्यालय में हिन्दी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।