स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है : प्रधानाचार्य 

स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है : प्रधानाचार्य 
स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है : प्रधानाचार्य 

अमेठी। सरस्वती शिक्षा मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्राम भारती परितोष अमेठी में वंदना सत्र में विद्यालय के प्रधानाचार्य जी ने भैया /बहनों को संस्कार युक्त बातें बताई। बदलते मौसम में भैया बहनों को मौसम के अनुरूप गर्म कपड़े पहनकर विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया और कहा जब हम स्वस्थ रहेंगे, तभी पढ़ाई में मन लगेगा। अतः अपने स्वास्थ्य के लिए विशेष ध्यान रखना चाहिए।
      भैया सक्षम मिश्र के द्वारा एक सुंदर प्रेरक प्रसंग भैया/ बहनों को सुनाया गया, जिसमें ऋषि धौम्य एवं आरुणि की कहानी बताई गई । प्रधानाचार्य जी ने आरुणि की गुरु-भक्ति से सभी भैया/ बहनों को सीख प्राप्त करने की बातें कही। प्रधानाचार्य जी ने बताया कि एकलव्य मिट्टी की मूर्ति बनाकर गुरुजी से विद्या प्राप्त की और सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर बना। ठीक उसी प्रकार से हर व्यक्ति के जीवन में गुरु की आवश्यकता होती है।

गुरु के बिना ज्ञान अधूरा है। गुरु ज्ञान के साथ-साथ अपने संस्कार एवं संस्कृति पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। जैसे शिष्य के द्वारा गुड मॉर्निंग बोलने पर उसके टीचर गुड मॉर्निंग बोलते हैं। दूसरी ओर जब शिष्य अपने गुरु के श्री चरणों में नतमस्तक होकर प्रणाम करता है तो उसे आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे उसे जीवन की उपलब्धि प्राप्त होती है। आत: हमें अपने संस्कार एवं संस्कृति पर भी ध्यान रखना चाहिए।


    रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी भी प्रातः काल उठकर अपने माता-पिता एवं गुरु के श्री चरणों में सादर प्रणाम करते थे।
प्रात काल उठि के रघुनाथा।। मातु-पिता गुरु नावहि माथा।।