अयोध्या: शिवदयाल जायसवाल स.वि.मं. इंटर कॉलेज में मनाई गई तुलसी जयंती 

अयोध्या: शिवदयाल जायसवाल स.वि.मं. इंटर कॉलेज में मनाई गई तुलसी जयंती 
अयोध्या: शिवदयाल जायसवाल स.वि.मं. इंटर कॉलेज में मनाई गई तुलसी जयंती 

अयोध्या। विद्या भारती विद्यालय शिवदयाल जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज तुलसी नगर अयोध्या में तुलसी जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य अवनि कुमार शुक्ल ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन कर किया। इस अवसर पर भैया चैतन्य (एकादश) एवं (अक्षांश) द्वादश ने अति सुंदर भजन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन बहन साक्षी तिवारी (द्वादश) ने किया।

प्रधानाचार्य ने बताया कि रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मस्थली गोंडा है और योग गुरु महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली भी गोंडा है। तुलसीदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए आपने बताया कि तुलसीदास जी का जन्म राजापुर (सूकरखेत) में हुआ था, जो सरयू तथा घाघरा का संगम है। आपने भाषा एवं साहित्य के आधार पर तथा राजस्व विभाग के अभिलेखों के आधार पर सिद्ध किया। इसके लिए आपने अनेक साहित्य का अध्ययन किया तथा अनेक विद्वानों तथा संगठनों से साक्ष्यों को एकत्र कर जन्मभूमि के स्थान को सिद्ध किया ।  अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम कथा रामचरितमानस की पावन अवतार भूमि है। आचार्य उर्मिला शुक्ला ने बताया कि रामचरितमानस में सात कांड का उल्लेख किया गया है जिसमें बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, लंकाकांड, सुंदरकांड, उत्तरकांड ।
गोस्वामी तुलसीदास ने कुल 12 पुस्तकों की रचना की, लेकिन सबसे अधिक ख्याति उनके द्वारा रचित रामचरितमानस को मिली। इस महान ग्रंथ की रचना तुलसीदास ने अवधी भाषा में की है और यह भाषा उत्तर भारत के जनसाधारण की भाषा है । इसलिए तुलसीदास को जन-जन का कवि माना जाता है। इस अवसर पर आचार्य लल्ला सिंह, परमात्मादीन, रामजी मिश्र, उत्तम कुमार पांडे, अरविंद कुमार पांडे, सीमा पांडे, ज्योति तिवारी, विभा तिवारी, अतुल कुमार, केशवेंद्र माधव त्रिपुरारि, घनश्याम सिंह, राम उजागर एवं कृष्णानंद तिवारी उपस्थित रहें।