राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचारक थे भदंत आनंद कौसल्यायन जी : बांके बिहारी पांडे

राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचारक थे भदंत आनंद कौसल्यायन जी : बांके बिहारी पांडे

प्रयागराज l विद्या भारती से संबद्ध काशी प्रांत के रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर, प्रयागराज के  संगीताचार्य मनोज गुप्ता की सूचनानुसार विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान बांके बिहारी पांडे जी ने प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु, लेखक, समाज सुधारक, पाली भाषा के मूर्धन्य विद्वान एवं राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचारक भदंत आनंद  कौशल्यायन जी की पुण्यतिथि  पर विद्यालय परिवार सहित विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की l
           उन्होंने बताया कि इनका जन्म ०५ जनवरी १९०५ को अविभाजित पंजाब प्रान्त के मोहाली के निकट सोहना नामक गाँव में एक खत्री परिवार में हुआ था। उनके पिता लाला रामशरण दास अम्बाला में अध्यापक थे। उनके बचपन का नाम हरिनाम था। १९२० में भदन्त ने १०वी की परीक्षा पास की, १९२४ में १९ साल की आयु में भदन्त ने स्नातक की परीक्षा पास की। जब वे लाहौर में थे तब वे उर्दू में भी लिखते थे।
भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में भी भदन्त ने सक्रिय रूप से भाग लिया। वे भीमराव आंबेडकर और महापंडित राहुल संकृत्यायन से काफी प्रभावित थे। उन्होंने भिक्षु जगदीश कश्यप, भिक्षु धर्मरक्षित आदि लोगो के साथ मिलकर पाली तिपिटक का अनुवाद हिन्दीं में किया। वे श्रीलंका में जाकर बौद्ध भिक्षु हुए। वे श्रीलंका की विद्यालंकर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में अध्यक्ष भी रहे।
भदन्त ने जातक की अत्थाकथाओ का ६ खंडो में पालि भाषा से हिंदी में अनुवाद किया। धम्मपद का हिंदी अनुवाद के आलावा अनेक पालि भाषा की किताबों का हिंदी भाषा में अनुवाद किया। साथ ही अनेक मौलिक ग्रन्थ भी रचे जैसे - 'अगर बाबा न होते', जातक कहानियाँ, भिक्षु के पत्र, दर्शन : वेद से मार्क्स तक, 'राम की कहानी, राम की जुबानी', 'मनुस्मृति क्यों जलाई', बौद्ध धर्म एक बुद्धिवादी अध्ययन, बौद्ध जीवन पद्धति, जो भुला न सका, ३१ दिन में पालि, पालि शव्दकोष, सारिपुत्र मौद्गाल्ययान् की साँची, अनागरिक धरमपाल आदि। आंबेडकर के 'दि बुद्धा एण्ड हिज् धम्मा' ग्रंथ का हिन्दी एवं पंजाबी अनुवाद किया है। 22 जून 1988 को भदन्त का नागपुर में महापरिनिर्वाण हो गया।
       विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों मे अनूप कुमार,सचिन सिंह परिहार,चंद्रशेखर सिंह, शैलेश सिंह यादव, अभिषेक शर्मा, पायल जायसवाल, ओंकार पांडे, संतोष कुमार तिवारी प्रथम, शैलेंद्र कुमार यादव, विद्या सागर गुप्ता, प्रवीण कुमार तिवारी, कुंदन कुमार, रामचंद्र मौर्य, अभिषेक कुमार शुक्ला, नागेंद्र कुमार शुक्ला, अजीत प्रताप सिंह, शंकरलाल पटेल, ऋचा गोस्वामी, अर्चना राय, किरन सिंह, जितेंद्र कुमार तिवारी, शिवजी राय, अनिल उपाध्याय, संतोष कुमार तिवारी द्वितीय, रविंद्र कुमार द्विवेदी, श्रवण कुमार तिवारी एवं अनुराग कुशवाहा, श्याम सुंदर मिश्रा, रुचि चंद्रा एवं कविता पांडे प्रमुख रहे।