छात्रों के मानसिक ज्ञान और क्षमता के रूप में ही प्रश्न पत्र का निर्माण हो : मा. रामय जी

छात्रों के मानसिक ज्ञान और क्षमता के रूप में ही प्रश्न पत्र का निर्माण हो : मा. रामय जी

बस्ती। प्रश्न पत्र को देखकर छात्र तनाव में ना आएं इस प्रकार के प्रश्न पत्र का निर्माण हो। प्रश्न पत्रों की रचना सरल से कठिन की ओर हो इसका विशेष ध्यान रखकर ही प्रश्नपत्रों का निर्माण होना है। आपकी शिक्षा ऐसी हो कि हमारा छात्र बुद्धि और शक्ति दोनों से युक्त होना चाहिए। उक्त उद्गार मुख्य अतिथि गोरक्ष प्रांत के संगठन मंत्री माननीय श्री रामय जी ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामबाग में शुक्रवार (5 अगस्त 2022) को वक्त किए। वह विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध क्षेत्रीय सीबीएसई बोर्ड प्रश्न पत्र निर्माण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। 

इस अवसर क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रमुख व भारतीय शिक्षा परिषद के सचिव माननीय दिनेश सिंह जी का मार्गदर्शन सभी को प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें 21वीं सदी के स्किल के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार प्रश्न पत्र का निर्माण करना है। प्रश्न पत्र में सभी प्रकार के छात्रों के बुद्धि स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रश्न पत्र निर्मित करना है, जिसमें सभी छात्रों का समुचित मूल्यांकन हो सके। उन्होंने सीबीएसई के पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्न पत्र निर्माण करने की सलाह दी।

विद्यालय की संगीत टोली ने गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। गोरक्ष प्रांत के प्रांत निरीक्षक माननीय राम सिंह जी ने प्रश्नपत्र निर्माणकों की टोली और पाठ्यक्रम विभाजन के बारे में प्राश्निक बंधुओं को अवगत कराया तथा पत्र निर्माण कार्यशाला का प्रारंभ कराया। कार्यशाला में आए सभी अतिथियों का परिचय व स्वागत सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामबाग बस्ती के प्रधानाचार्य श्री अरविंद सिंह जी ने कराया।

कार्यक्रम में गोरक्ष प्रांत के प्रदेश निरीक्षक माननीय राम सिंह जी, काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक माननीय रामजी सिंह जी, बलिया संभाग के संभाग निरीक्षक माननीय कन्हैया जी और साथ में विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्य बंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

ज्ञात हो कि क्षेत्रीय प्रश्न पत्र निर्माण कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से आए कुल 82 प्राश्निको की उपस्थिति में कार्यशाला संपन्न हो रही है, जिसमें अर्द्धवार्षिक, वार्षिक और पूर्वानुमानित परीक्षाओं का प्रश्न पत्र तैयार हो रहा है।