हमीरपुर: सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में  मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती 

हमीरपुर: सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में  मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती 
हमीरपुर: सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में  मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती 

हमीरपुर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती के सुअवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रामप्रकाश गुप्ता ने बोलते हुए कहा कि पं.  दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक के चिन्तक और संगठनकर्ता एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता थे। इनका जन्म 25 सितम्बर सन 1916 को मथुरा जिले के नगला चन्द्रभान ग्राम में हुआ था। अनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय तथा माँ का नाम रामप्यारी था। वह मात्र 43 दिन तक जनसंघ के अध्यक्ष रहे तथा 10/11 फरवरी 1968 की रात्रि मे मुगल सराय स्टेशन पर उनकी हत्या कर दी गयी। 11 फरवरी को प्रातः 3: 45 बजे सहायक स्टेशन मास्टर को खम्भा नम्बर 1276 के पास कंकड़ पर पड़ी लाश की सूचना मिली। शव प्लेटफार्म  मे रखा गया तो लोगो की भीड़ मे से आवाज आयी ‘‘अरे यह तो जनसंघ के अध्यक्ष दीनदयाल उपाध्याय है’’ तथा पूरे देश मे शोक की लहर दौड़ गयी।  

इन्होने राष्ट्रधर्म पान्चजन्य और स्वदेश जैसी पत्रिकायें प्रारम्भ की। हाल में ही उत्तर प्रदेश सरकार ने मुगल सराय जंक्शन का नाम दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया तथा कांदला बन्दरगाह के नाम को दीनदयाल उपाध्याय बन्दरगाह कर दिया है। इस अवसर पर कार्यक्रम प्रमुख आचार्य वेदप्रकाश शुक्ल ने अपने उद्दबोधन में कहा कि श्री उपाध्याय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे तथा वे एक समावेशित विचारधारा के समर्थक थे, जो एक मजबूत और  सशक्त भारत चाहते थे। राजनीति के अतिरिक्त साहित्य मे भी उनकी गहरी रुचि थी। उन्होने हिन्दी, अंग्रेजी भाषाओं मे कई लेख लिखे। जो विभिन्न पत्र पत्रिकाओ में प्रकाशित हुए। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार संगीताचार्य ज्ञानेश जड़िया ने किया। इस अवसर पर विद्यालय का स्टाफ एवं छात्र-छात्रायें मौजूद रहे। यह जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रभारी आचार्य वेदप्रकाश शुक्ल ने दी।