लखीमपुर: सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया गया सिक्खों के गुरु तेग बहादुर का शहीद दिवस 

लखीमपुर: सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया गया सिक्खों के गुरु तेग बहादुर का शहीद दिवस 

लखीमपुर। आज दिनांक 23-11-22 को विद्या भारती विद्यालय सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर में सिक्खों के नवम गुरु तेग बहादुर का शहीद दिवस पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ० राम नरेश वर्मा, प्रान्त समरसता प्रमुख-अवध प्रान्त एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मुनेंद्र शुक्ल ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के पश्चात गुरु तेग बहादुर के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य राकेश कुमार तिवारी ने गुरु तेग बहादुर के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आपके पिता का नाम गुरु हरगोविन्द सिंह और माता का नाम नानकी देवी था। तेग का अर्थ तलवार होता है, आप तलवार के धनी थे अतः आपका नाम तेग बहादुर रखा गया। 

ज्ञानेन्द्र कुमार बाजपेई ने उनके बलिदान दिवस की  की गाथा बताते हुए गुरुद्वारा शीशगंज का इतिहास सबके समक्ष रखा। विद्यालय के नवोदित आचार्य शांतनु कुमार बाजपेई एवं सुश्री ममता सिंह ने गुरु तेग बहादुर सिंह के जीवन संस्मरण हम लोगों के समक्ष रखें। मुख्य अतिथि डॉ. रामनरेश ने अपने उद्बोधन में विद्यालय में बोले जाने वाले लक्ष्य की व्याख्या करते हुए बताया कि इसी प्रकार सिक्खों के नवम गुरु तेग बहादुर का लक्ष्य भी अपने समाज के शोषित, पीड़ित एवं वंचित लोगों की रक्षा करते हुए अपने धर्म व संस्कृति की रक्षा करना था। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने आए हुए अतिथि के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिशु भारती के पदाधिकारियों को उनका दायित्व बोध कराते हुए उन्हें बैच प्रदान किया।