प्रेरणा पुरुष थे मास्टर अमीर चंद्र जी : बांके बिहारी पांडे

प्रेरणा पुरुष थे मास्टर अमीर चंद्र जी : बांके बिहारी पांडे

प्रयागराज l विद्या भारती से संबद्ध काशी प्रांत के रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर, प्रयागराज के संगीताचार्य एवं मीडिया प्रभारी मनोज गुप्ता की सूचनानुसार विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बांके बिहारी पांडे जी ने प्रेरणा पुरुष मास्टर अमीर चंद जी के बलिदान दिवस पर विद्यालय परिवार सहित विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की l


         उन्होंने बताया कि देशप्रेम की भावना व्यक्ति को कभी काले पानी जैसी भयानक जेल में यंत्रणाओं की भट्टी में झोंक देती है, तो कभी वह उसे फांसी के तख्ते पर खड़ा कर देती है। इस परिणाम को जानते हुए भी स्वाधीनता समर के दीवाने एक के बाद एक बलिवेदी पर अपने मस्तक चढ़ाते रहे। ऐसे ही पे्ररणा पुरुष थे मास्टर अमीरचंद, जिनके कंधों पर 1908-09 में सम्पूर्ण उत्तर भारत में क्रांतिकारी आंदोलन को सुगठित करने का महत्वपूर्ण भार डाला गया था। मास्टर अमीरचंद की शिक्षा-दीक्षा दिल्ली में ही हुई थी। इसलिए वे दिल्ली के चप्पे-चप्पे से परिचित थे। वे संस्कृत, हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी के अच्छे जानकार थे।

दिल्ली से बी.ए करने के बाद वे वहां ईसाइयों द्वारा संचालित कैम्ब्रिज मिशन हाई स्कूल में अध्यापक हो गये। पर अध्यापन कार्य तो एक बहाना था। उनका मन तो देश की स्वाधीनता के लिए ही तड़पता रहता था। बंग-भंग के समय जब देश में स्वदेशी आंदोलन की लहर चली, तो वे उसमें कूद पड़े। कैम्ब्रिज मिशन स्कूल वालों को उनकी यह सक्रियता अच्छी नहीं लगी। अतः उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। इस पर वे नेशनल हाईस्कूल में अध्यापक हो गये। इसकी स्थापना दिल्ली के एक सम्पन्न व्यापारी लाला हनुमन्त सहाय ने अपने घर में ही की थी।


      विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में रमेश चंद्र मिश्रा ,जटाशंकर तिवारी, शिव नारायण सिंह, कामाख्या प्रसाद दुबे ,आनंद कुमार, दिनेश कुमार शुक्ला, सत्य प्रकाश पांडे प्रथम ,अवधेश कुमार, वकील प्रसाद, वाचस्पति चौबे ,सुनील कुमार ,शशी कपूर गुप्ता ,प्रेम सागर मिश्रा ,प्रभात कुमार शर्मा ,मनोज  कुमार गुप्ता ,दीपक दयाल ,रमेश चंद्र अग्रहरि,सत्य प्रकाश पांडे द्वितीय, कपिल देव सिंह  ,वंशराज यादव ,विमल चंद दुबे एवं विभु श्रीवास्तव सहित पूरा विद्यालय परिवार शामिल रहा l