अमेठी : सरस्वती शिक्षा मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परतोष में गुरु तेग बहादुर सिंह जी का बलिदान दिवस मनाया गया

अमेठी : सरस्वती शिक्षा मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परतोष में गुरु तेग बहादुर सिंह जी का बलिदान दिवस मनाया गया
अमेठी : सरस्वती शिक्षा मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परतोष में गुरु तेग बहादुर सिंह जी का बलिदान दिवस मनाया गया

अमेठी। सरस्वती शिक्षा मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ग्राम भारती, परतोष, अमेठी में वंदना सत्र में सिखों के नवम गुरु तेग बहादुर सिंह जी का बलिदान दिवस मनाया गया। गुरु तेग बहादुर को याद करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संतोष मिश्र जी ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके कार्यों की व्याख्या किया। 

गुरु तेग बहादुर के बचपन का नाम त्यागमल था। उनकी वीरता के कारण इनके पिता हरगोविंद सिंह जी ने इन्हें तेग बहादुर की उपाधि से विभूषित किया। इन्होंने आगे चलकर अनेक धर्म उपदेश दिए। कड़ा मानिकपुर में मलूक दास का उद्धार किया। ये गुरु हरगोविंद सिंह के पांचवें पुत्र थे। सिखों के आठवें गुरु हरिकृष्ण राय की अकाल मृत्यु हो जाने के कारण जनमत द्वारा इन्हें नवम गुरु स्वीकार किया गया। इन्होंने आनंदपुर साहिब का निर्माण कराया। सन 1666 में पटना साहिब में इनके एक पुत्र हुआ, जो आगे चलकर सिखों के दशम गुरु गोविंद सिंह के नाम से जाना गया।

गुरु तेग बहादुर को हिंद की चादर कहा जाता था। इन्होंने आध्यात्मिक, सामाजिक, आर्थिक उन्नयन के लिए अनेक कार्य किए। औरंगजेब के अत्याचार से परेशान होकर कश्मीरी पंडितों ने गुरु तेग बहादुर से मदद लेने आनंदपुर साहिब पहुंचे। 

धर्म परिवर्तन न करने के कारण औरंगजेब ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया और चांदनी चौक पर इनका शीश धड़ से अलग करवा दिया। इस प्रकार 24 नवंबर 1675 को गुरु तेग बहादुर धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दे दिए।आज इस बलिदान दिवस पर एक सच्चे देश सपूत, देशभक्त, धर्म रक्षक गुरु तेग बहादुर सिंह को विद्यालय परिवार अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करता है।