भैया-बहनों में  नेतृत्व करने की क्षमता को उत्पन्न करती है छात्र संसद : प्रधानाचार्य संतोष जी

भैया-बहनों में  नेतृत्व करने की क्षमता को उत्पन्न करती है छात्र संसद : प्रधानाचार्य संतोष जी
भैया-बहनों में  नेतृत्व करने की क्षमता को उत्पन्न करती है छात्र संसद : प्रधानाचार्य संतोष जी

अमेठी। सरस्वती शिक्षा मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्रामभारती, परितोष, अमेठी में प्रधानमंत्री चयन हेतु दक्षता भाषण प्रतियोगिता संपन्न हुआ।   इस प्रतियोगिता में कक्षा षष्ठ से द्वादश तक के भैया/ बहन प्रतिभाग किए। प्रतियोगिता के बिंदु एवं विषय पहले से निश्चित किया गया था।   भैया/ बहनों के मूल्यांकन हेतु आचार्य श्री राजेंद्र प्रसाद मिश्र, आचार्य श्री शिवनाथ यादव, एवं आचार्य श्री सालिक राम जी ने परिणाम को सुरक्षित रख लिए।

   छात्र संसद के प्रमुख श्री सालिक राम जी ने भैया बहनों को छात्र संसद के पदाधिकारियों के कार्यों के प्रति जागरूक किया।  प्रतियोगिता में भाग लेने वाले भैया बहनों का नाम लेकर के बुलाए।

   विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संतोष कुमार मिश्र जी ने भैया/ बहनों को बताया कि यह छात्र संसद, छात्रों द्वारा, छात्रों के लिए, छात्रों के हित में, छात्रों का संगठन है। इसके द्वारा भैया/ बहनों में अभी से नेतृत्व करने की क्षमता उत्पन्न होती है। आगे चलकर यही भैया/ बहन देश की बागडोर संभालेंगे। इसके लिए पतंग की भांति भैया/ बहनों को अनुशासन की डोर में बंध कर रहना चाहिए। इस अवसर पर वीर अब्दुल हमीद को याद करते हुए बताएं कि वह अनुशासन के डोर में बंध कर दुश्मन के ऊपर गोले बरसाता रहा। यदि वह चाहता तो मैदान से भाग सकता था, किंतु अपने देश के लिए अनुशासन में रहकर अपने कर्तव्य का पालन करता रहा।   अतः हम सभी भैया/ बहनों को अपने कर्तव्यों का पालन करते रहना चाहिए। और स्व अनुशासन के बारे में स्वयं सोचना चाहिए।