भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी : संघ

भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी : संघ
  • गुजरात के कर्णावती में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक का समापन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक का रविवार को समापन हो गया। गुजरात के कर्णावती में हुई बैठक में रोजगार से जुड़ा एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें कहा गया है कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है। प्रस्ताव में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि सबसे ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने वाले मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इस क्षेत्र के मजबूत होने से आयात पर हमारी निर्भरता भी कम होगी। उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला माहौल देना होगा ताकि युवा सिर्फ नौकरी पाने की मानसिकता से बाहर आ सकें। तेजी से बदल रहे आर्थिक एवं तकनीकी परिदृश्य में वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के नए इनोविटिव तरीके ढूंढने होंगे। भारतीय आर्थिक मॉडल को अहमियत देनी चाहिए। यह मानव केंद्रित और पर्यावरण के अनुकूल है। ग्रामीण रोजगार, असंगठित क्षेत्र और महिलाओं के रोजगार और अर्थव्यवस्था में उनकी समुचित भागीदारी जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देना चाहिए।

संघ ने कहा है कि प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता, मानवशक्ति की विपुलता और अंतर्निहित उद्यम कौशल के चलते भारत अपने कृषि, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सेवा क्षेत्रों को परिवर्तित करते हुए कार्य के पर्याप्त अवसर उत्पन्न कर अर्थव्यवस्था को उच्च स्तर पर ले जाने की क्षमता रखता है। कोरोना महामारी के कालखंड में जहां हमने रोजगार तथा आजीविका पर उसके प्रभावों का अनुभव किया हैं, वहीं अनेक नए अवसरों को उभरते हुए भी देखा है, जिनका समाज के कुछ घटकों ने लाभ उठाया है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा इस बात पर बल देना चाहती है कि रोजगार की इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए समूचे समाज को ऐसे अवसरों का लाभ उठाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

प्रस्ताव में कहा गया है कि मानव केंद्रित, पर्यावरण के अनुकूल, श्रम प्रधान तथा विकेंद्रीकरण एवं लाभांश का न्यायसंगत वितरण करनेवाले भारतीय आर्थिक मॉडल को महत्व दिया जाना चाहिए, जो ग्रामीण अर्थव्यवथा, सूक्ष्म उद्योग, लघु उद्योग और कृषि आधारित उद्योगों को संवर्धित करता है। ग्रामीण रोजगार, असंगठित क्षेत्र एवं महिलाओं के रोजगार और अर्थव्यवस्था में उनकी समग्र भागीदारी जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देना चाहिए। हमारी सामाजिक परिस्थिति के अनुरूप नई तकनीकी तथा सॉफ्ट स्किल्स को अंगीकार करने के प्रयास करना अनिवार्य है।

संघ भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिकों से रोजगार सृजन के भारत केंद्रित मॉडल पर काम करने का आवाहन करता है। अ.भा. प्रतिनिधि सभा समाज के सभी घटकों का आवाहन करती है कि विविध प्रकार के कार्य के अवसरों को बढ़ाते हुए हमारे शाश्वत मूल्यों पर आधारित एक स्वस्थ कार्य-संस्कृति को प्रस्थापित करें, जिससे भारत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर पुनः अपना उचित स्थान अंकित कर सके।