सम्पूर्ण दुखों से मुक्ति देती हैं राम चरित मानस की चौपाईयां :  सरोज द्विवेदी

सम्पूर्ण दुखों से मुक्ति देती हैं राम चरित मानस की चौपाईयां :  सरोज द्विवेदी
सम्पूर्ण दुखों से मुक्ति देती हैं राम चरित मानस की चौपाईयां :  सरोज द्विवेदी
  • ज्वालादेवी सिविल लाइन्स में तुलसीदास जी की जयन्ती पर हुए विविध कार्यक्रम

प्रयागराज। प्रो0 राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) शिक्षा प्रसार समिति के द्वारा संचालित ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज सिविल लाइन्स के मीडिया प्रभारी श्री सरोज दुबे जी की विज्ञप्ति के अनुसार विगत वर्षो की भाँति इस वर्ष भी श्रेष्ठ कवि तुलसीदास जी की जयन्ती के शुभ अवसर पर अनेक रंगारंग कार्यक्रम हुए।   
       


 कार्यक्रम की शुरुआत तुलसीदास जी की प्रतिमा एवं मॉ भारती के सम्मुख दीपार्चन एवं  पुष्पार्चन के साथ हुई। तत्पश्चात् विद्यालय के विभिन्न छात्रों ने तुलसीदास जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला तथा विद्यालय के आचार्य सरोज जी द्विवेदी एवं हरेकृष्ण त्रिपाठी त्रिपाठी के द्वारा तुलसीदास जी के कृतित्व एवं जीवन पर व्यापक व्याख्यान दिया। 

आचार्य सरोज जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि केवल मनुष्य मानस के चैपाईयों को अच्छी तरह से समझकर आत्मसात कर ले तो उसको संसार के सम्पूर्ण दुखों से मुक्ति मिल सकती है। इस अवसर पर आचार्य हरेकृष्ण त्रिपाठी जी ने तुलसीदास जी के द्वारा रचित मानस महाकाव्य का विस्तृत व्याख्यान दिया।     


विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला  में मानस प्रतियोगिता तथा सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे लगभग 500 छात्रों ने सहभाग किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मा0 रामजी सिंह जी ने कहा कि तुलसीदास जी की लोक मंगल संकल्पना का साकार रुप तभी संभव हो सकता है जब मनुष्य के हृदय मंे मनुष्यता का भाव संलिप्त हों।

कार्यक्रम में दीपक यादव, सरोज दुबे, हरेकृष्ण त्रिपाठी, सन्दीप गुप्ता, अरिमर्दन सिंह, विनोद मिश्र, अखिलेश मिश्र, तेज प्रताप सिंह, सन्तोष दुबे, ब्रह्मनारायण तिवारी, नागेन्द्र राय, प्रमोद शर्मा, कमलेश चैरासिया, सुरेशचन्द्र त्रिपाठी, अजीत सिंह  तथा अन्य आचार्य बन्धु उपस्थित रहे।